दर्द ए दिल

561
image source: social media

तेरी यादों के जज्बातों में कहीं खो गया हूं मैं

अपने आप से ही किस कदर दूर हो गया हूं मैं

तुम्हे पाने की चाहत में कहीं गुम हो गया हूं मैं

इसी दुनिया की निगाहों में दीवाना सा हो गया हूं मैं

मेरी तो बस यही ख्वाहिश है कि तेरा ही हो जाऊं मैं

तेरी जुल्फों के साए में सदा के लिए सो जाऊं मैं।

(एस.एस. डोगरा)

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here