आज रात 11 बजे के बाद यह छोटा-सा प्रयोग सालभर करेगा आपकी सुरक्षा

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  • भयमुक्त जीवन के लिए करें यम का दीपदान

कार्तिक मास की त्रयोदशी को छोटी दीवाली, हनुमान जन्म, यम दीपदान और नरक चौदस के रूम मनाया जाता है जो हिंदू पंचांग की विक्रम संवत् के अनुसार 3 नवंबर 2021 बुधवार को पड़ रही है। मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर नामक दैत्य का वध करके मानव जाति को भय मुक्त किया था तभी से इस दिन को नरक चौदस के रूप में मनाया जाता है।

क्या करें नरक चौदस के दिन-
इस दिन सूर्योदय के पूर्व ही उठ कर स्नान कर लेना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करने जातक मृत्यु के उपरांत सीधे स्वर्ग की प्राप्ति करता है।

दैनिक पूजा पाठ कर यम की पूजा करना चाहिए जिससे पूरे वर्ष आपके स्वास्थ लाभ बना रहता है।

सूर्य को जल ओम् सूर्याय नमः मंत्र का जप करते हुए देना चाहिए।

क्यों करें यम का दीपदानः
यम के नाम से एक दीये दान की महत्ता हमारे सनातन धर्म में बताई गई है। इसके प्रयोग से पूरे साल भर व्यक्ति अकाल मृत्यु, व्याधियों से परेशानियों से, परिवार में कोई बड़ी बीमारी से ग्रसित हो तो उससे उसे मुक्ति मिलती है।
मनुष्य पूरे जीवन चक्र में अनिश्चितता के वातावरण में चलता रहता है। नकारात्मक विचारों से मन में निराशा व्याप्त रहती है इससे मुक्त हेाने के लिए आज यम की उपासना अवश्य करें। सायंकाल घर में आज 14 दीये सरसों के तेल या तिल के तेल के जलाना चाहिए। अन्य तेलों का उपयोग वर्जित है।

तांत्रोक्त यम दीपदानः
यह एक तांत्रिक क्रिया है रात्रि को 11 बजे के बाद आप बिना नमक डाले आटे से एक दीपक का निर्माण करें और उसमें चौमुखी दीपक सरसों के तेल डालकर जलायें। एक सिक्का लेकर घर के परिवार के सभी के लोगों के ऊपर से उतारा कर उस दीपक पर रख दें। और मन ही मन मृत्यु के देवता यम से अपनी समस्याओं का कह कर उस दीये को घर के बाहर किसी मैदान में छोड़ आयें। आते समय पीछे मुड़ कर न देखें और घर में पैर धोकर प्रवेश करें।
उसके उपरांत हनुमान चालीसा या हनुमान बाण का एक पाठ अवश्य करें। इस क्रिया को करने से पूरे एक वर्ष तक आप और आपका परिवार एक अदृश्य सुरक्षा चक्र में आ जाता है। आप कुछ ही समय में इसका लाभ स्वयं महसूस करेंगे।
कुछ प्रयोग ऐसे होते हैं जैसे कहावत है देखन में छोटे लगे घाव करें गंभीर वाली बात होती है। दिखने में यह प्रयोग तो सामान्य होते हैं पर इसका अचूक प्रभाव जीवन में खुशियां ला देते हैं। अतः इन बताए प्रयोगों को अवश्य करना चाहिए।
4 नवंबर को महालक्ष्मी पूजन है इसके लिए आपको एक अचूक प्रयोग (वास्तु दोष इन्द्राक्षी लक्ष्मी प्रयोग) दिया जाएगा जिसके प्रयोग से साधक के जीवन में कैसी भी दरिद्रता हो उससे मुक्ति मिलती ही है।

मार्गदर्शन के लिए सम्पर्क करें –
-स्वामी श्रेयानन्द महाराज (सनातन साधक परिवार)
मो. 9752626564

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