जलमग्न मंदिर को स्थानांतरित करने का कार्य अंतिम चरण में

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बिलासपुर, 15 अक्टूबर। उपायुक्त पंकज राय ने बताया कि बिलासपुर के जलमग्न मंदिर को स्थानांतरित कर नए स्थान पर स्थापित करने के लिए 8 बीघा 15 बिस्वा जमीन विभाग के नाम करने की प्रक्रिया लगभग अंमित चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि मंदिर को स्थानांतरित करने के तीन तरीकों की संभावनाएं तलाशी जा रही है ताकि उनका यथावत स्वरूप बना रहे और मंदिरों को नई जगह स्थापित करने के लिए राज्य स्तर पर एक्पर्ट एजेंसी के साथ बैठक कर आगे के कार्य को किया जा रहा है।
उपायुक्त पंकज राय ने कल शहर के सौंदर्यकरण पर चर्चा करते हुए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि लुहणू में गोविंद सागर झील के किनारे वॉटर फ्रंट बनाने की कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को कहा कि मंडी भराड़ी (ट्रस्ल) नामक स्थान जहां फोरलेन का पुल बन रहा है, के पास वॉटर फ्रंट बनाने की संभावनाएं को तलाशे।
उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय बिलासपुर में 40 मीटर ऊंचा राष्ट्र ध्वज लगाया जाएगा जोकि प्रदेश में सबसे ऊंचा होगा।
उन्होंने बताया कि बस स्टैंड और भगता चौक में अंडर पास और कॉलेज चौक पर ओवर हैड ब्रिज बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि एम्स में नवम्बर के अंमित सप्ताह तक ओपीडी आरंभ करने के प्रयास किए जा रहे है। निकट भविष्य में श्री नैना देवी जी में 5.50 करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिफ्ट का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कामकाजी छात्रावास का लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया तथा छात्रावास के रिपेयर से संबंधित प्राकलन तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा।

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