लेफ्टिनेंट बन घर लौटे अनुभव के घर बधाई देने वालों का तांता

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बिलासपुर, 16 जून। हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के डियारा सेक्टर के रहने वाले अनुभव सिंह चंदेल भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर वापस घर लौटे हैं। बेटे की इस उपलब्धि से उसके परिजनों सहित शहर के लोगों में खुशी का माहौल है। उनके घर बधाई देने वालों का दिनभर तांता लगा रहा। डीएवी स्कूल में टॉपर रहे अनुभव सिंह चंदेल का बचपन से ही सपना सेना में भर्ती होना था। ब्रिटिश इंडियन आर्मी में कैप्टन पद से रिटायर्ड अपने दादा सोहन सिंह चंदेल को प्रेरणा स्त्रोत मानकर अनुभव ने जी जान से पढ़ाई की और सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने और परिवार के सपने को साकार किया।
उधर, इंडियन मिलिट्री अकादमी देहरादून से अपनी ट्रेनिंग पूरी कर इस साल एनडीए पासिंग आउट परेड में लेफ्टिनेंट बनकर जब अनुभव सिंह चंदेल अपने घर बिलासपुर पहुंचे तो अपने बेटे को सेना की ड्रेस पहने को देख माता-पिता अपने खुशी के आंसू ना रोक सके। वहीं अनुभव चंदेल का कहना है कि उन्होंने बचपन से ही अपने परदादा कैप्टन सोहन सिंह चंदेल की बहादुरी के किस्से सुने थे। भारतीय सेना में जो मान सम्मान मिलता है उसको देखकर ही उन्होंने सेना में भर्ती होने का लक्ष्य निर्धारित किया था। आज वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर जिस मुकाम पर पहुंचे हैं उसके पीछे कहीं ना कहीं उनकी माँ किरण बाला की पूजा-अर्चना व पिता वीरेंद्र चंदेल का सहयोग शामिल है।


अनुभव ने युवाओं को संदेश दिया कि वे भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा व रक्षा के लिए समर्पित होने के लिए कड़ी मेहनत करें। युवाओं को नशे से दूर रहते हुए अपने लिए एक लक्ष्य निर्धारित कर उसे पाने के लिए जी जान से मेहनत करनी चाहिए। उन्‍होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्‍चों की हर तरह की परेशानी में उनका साथ दें और उन्‍हें प्रोत्‍साहित करें, ताकि आज के युवा गलत रास्ते पर ना चलकर तरक्की का रास्ता अपनाएं।

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