फिल्में समाज का आईना होती हैं: धामी

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देहरादून, 17 सितंबर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिनेमा समाज का मार्गदर्शक तथा अभिनेता प्रेरणास्रोत है और फिल्मकारों को इसमें पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिनेमा में वो ताकत होती है जो किसी भी समाज के सोचने और समझने के तरीके को प्रभावित कर सकती है। फिल्म मात्र मनोरंजन का साधन नहीं होती, वह मनुष्य की व्यक्तिगत व समष्टिगत भावों को जागृत करने का सशक्त माध्यम भी होती हैं। फिल्में समाज का आइना होती हैं। सिनेमा समाज का मार्गदर्शक तथा अभिनेता प्रेरणास्रोत का कार्य करते हैं।

धामी ने आज शाम राजपुर रोड स्थित मॉल में छठे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रकृति की गोद में बसे उत्तराखंड को प्रकृति ने तसल्ली से संवारा है। यहां के नदी, पहाड़, झरने इन सब की बात ही कुछ अलग हैं। हमारे प्रदेश में शूटिंग डेस्टिनेशन की अपार संभावनाएं हैं, हमारे पास देश दुनिया के सबसे बेस्ट शूटिंग डेस्टिनेशन हैं। नैनीताल, मसूरी, औली, चकराता, मुन्स्यारी, चोपता, हर्षिल, पौड़ी, धनोल्टी समते हमारे पास कई स्थान है जहां फिल्म निर्माताओं को दुनिया के अलग-अलग लोकेशन से बेहतर डेस्टिनेशन मिलेंगे। हमारे धार्मिक स्थान केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार-ऋषिकेश और बहुत सारे स्थान हैं जो शूटिंग के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन बने हैं और आगे भी बनते रहेंगे। हमारी सरकार प्रदेश में फिल्म शूटिंग के लिए बेहतर वातावरण कैसे तैयार हो, उसके लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सभी उद्यमी हमारे राज्य के ब्राण्ड एंबेसडर हैं। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने तथा अधिक से अधिक फिल्म निर्माण के प्रति निर्माताओं को आमंत्रित करने के लिए उन्हें सहयोगी बनना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों के साथ ही फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उनके अनुकूल नीतियों का निर्धारण भी किया जाएगा। उत्तराखंड देव भूमि है, इसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रदेश के रूप में देश व दुनिया में पहचान दिलाने में हमारे उद्यमियों की बड़ी भूमिका है। इससे राज्य का आर्थिक विकास भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यहां का प्राकृतिक सौंदर्य, योग, आध्यात्म, शुद्ध पर्यावरण, शांत वातावरण रहने के लिए आदर्श स्थान है। उन्होंने प्रदेश में फिल्म निर्माण एवं फिल्मकारों को बढ़ावा देने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए।

फिल्म फेस्टिवल के निदेशक राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में इस फेस्टिवल को एक सप्ताह का किए जाने तथा उत्तराखंड पर आधारित अधिक से अधिक फिल्मों के प्रदर्शन का आश्वासन दिया। फिल्म अभिनेता एवं महाभारत के युधिष्ठिर के पात्र गजेंद्र सिंह चौहान ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि युधिष्ठिर भी यहीं से सशरीर स्वर्ग गए थे। उन्होंने सिनेमा को फिल्म कलाकारों की मां के संज्ञा देते हुए कहा कि इससे समाज को भी प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अभिनेता गजेंद्र सिंह चौहान, अखिलेश मिश्रा, मनजोत सिंह, परमजोत सिंह, मीता वशिष्ठ निर्देशक विनय पाठक, कावेरी बामजेयी, के.सी बुकारिया आदि के साथ ही बोस्निया, टोबाको, मैकाडोनिया, कोरिया आदि देशों के राजनयिकों को भी सम्मानित किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक राजेश शुक्ला सहित कोटद्वार में शाकुन्तलम फिल्म इंस्टीट्यूट के संस्थापक एवं प्रसिद्ध फिल्मकार शिव नारायण रावत, दिल्ली ब्यूरो प्रमुख हिमालिनी पत्रिका-नेपाल एस.एस.डोगरा तथा समर्पण (एनजीओ) के संस्थापक-एन.एस.डी-थिएटर आर्टिस्ट अपूर्व श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।

”रैना-हॉस्टल की वो रात” फिल्म का पोस्टर व ट्रेलर लांच

 

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