महिला विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

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सोलन, 13 नवंबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी सोलन कपिल शर्मा ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता से जीवनयापन का अधिकार प्रदान करता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला वासियों को इस दिशा में जागरूक करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। कपिल शर्मा आज यहां विधिक सेवाएं सप्ताह के अवसर पर अखिल भारतीय विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे।
कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कपिल शर्मा ने कहा कि हमारा संविधान देश के सभी नागरिकों को सभी स्तरों पर एवं सभी क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ने एवं सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जहां विभन्न अधिनियम एवं कानून बनाए गए हैं वहीं राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तरीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नियमित रूप से जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने सभी से आग्रह किया कि विधिक सेवाओं से लाभ प्राप्त करने के लिए असपने समीप के न्यायिक अधिकारी अथवा पैरा लीगल वालंटियर से जानकारी प्राप्त करें अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन से दूरभाष नम्बर 01792-220713 अथवा ई-मेल secy-dlsa-sol-hp@gov.in पर सम्पर्क करें। उन्होंने कहा कि विधिक सेवाओं के विषय में लोगों को जागरूक बनाने में अखिल भारतीय विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान विशेष रूप से सफल रहा है। उन्होंने कहा कि शोषण, घरेलू हिंसा एवं अन्य उत्पीड़न से महिलाओं को बचाने के लिए जहां महिलाओं को कानून की व्यापक जानकारी होनी चाहिए वहीं समाज के सभी वर्गों का इस दिशा में सचेत रहना भी आवश्यक है।
कपिल शर्मा ने इस अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की पीड़ित प्रतिपूर्ति योजना, प्रदेश मंे कार्यान्वित की जा रही अपराध प्रतिपूर्ति योजना सहित लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, कर्मचारी प्रतिपूर्ति अधिनियम एवं श्रम अधिनियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामले सुलझाने का आग्रह किया।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी ने कहा कि 3 लाख से कम वार्षिक आय वाले व्यक्ति, महिला, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या बच्चों को निःशुल्क कानूनी प्रदान करने का प्रावधान है ताकि धन के अभाव या अन्य किसी लाचारी के कारण ज़रूरतमंदों को न्याय से वंचित न होना पड़े।
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की डाॅ. शालिनी ने कहा कि अब सभी दिव्यांग जनों को विकलांगता प्रमाणपत्र के स्थान पर यूडी आईडी (यूनीक डिस्ऐबिलिटी आईडी) प्रदान की जा रही है। इसके लिए दिव्यांग व्यक्ति को कम से कम एक बार अस्पताल आना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता जांच के लिए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में प्रत्येक बृहस्पतिवार तथा नालागढ़ में प्रत्येक द्वितीय शुक्रवार को शिविर आयोजित किए जाते हैं।
जिला कल्याण अधिकारी जी.एल. शर्मा ने इस अवसर पर सामाजिक पैंशन सहित कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। स्वास्थ्य शिक्षक सुषमा शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग तथा सीडीपीओ सोलन कविता गौतम ने महिला कल्याण की दिशा में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर शिशुओं के अन्न प्राशन संस्कार सहित शगुन, बेटी है अनमोल, मदर टेरेसा मातृ असहाय सम्बल योजना इत्यादि के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया।
पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं इस अवसर पर उपस्थित थीं।

आवश्यक वस्तुओं की दरें निर्धारित

 

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