जीवन का अनुभव

477

यदि पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कर्तव्यों का निर्वाह करने के उपरांत भी विश्वास और सम्मान नहीं मिलने पर
निराश होने की अपेक्षा स्वयं को तटस्थ/दूरस्थ कर लेना चाहिए है।

प्रो. (डॉ) सरोज व्यास
(लेखिका-शिक्षाविद्)
निदेशक, फेयरफील्ड प्रबंधन एवं तकनीकी संस्थान,
(गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय), नई दिल्ली

जीवन का अनुभव

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here