सूर्य नमस्कार आसन एक लाभ अनेक

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वर्तमान समय की भाग दौड़भरी दिनचर्या में हमारे पास व्यायाम या शारीरिक अभ्यास करने का समय ही नहीं होता है। इस लेख में हम आपको एक ऐसे आसन के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अपने आप में संपूर्ण है। इसे करने के बाद आपको किसी और शारीरिक अभ्यास या व्यायाम या आसान की आवश्यकता नहीं। यह आसन है सूर्य नमस्कार। यह हमारे शरीर के सभी अंगों पर प्रभाव डालता है। हमारे शरीर को लचीला बनाता है। यह कुल 12 आसनों का योग होता है। शरीर में जमा अत्यधिक वसा या मोटापे से मुक्ति दिलाने में यह आसन राम बाण साबित हो सकता है। इस आसन से चेहरे पर ओज बढ़ता है। शरीर में स्फूर्ति रहती है। मन-मस्तिष्क नियंत्रण में रहता है। कहने का प्रयोजन है कि इस आसान के इतने लाभ है, जिनका वर्णन नहीं किया जा सकता। इसे कम से कम बारह बार किया जाना चाहिए। इसके 12 अवस्थाओं का वर्णन निम्न चित्रों के माध्यम से किया जा सकता है-

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सावधानियांः
स्लिप डिसक या घुटनों की समस्याओं होने पर इस योगासन को नहीं किया जाना चाहिए।
इस आसन को समय सांसो पर पूरी तरह से ध्यान दिया जाना चाहिए, अन्यथा इसके समुचित लाभ प्राप्त नहीं होंगे।
महिलाएं मासिक धर्म के समय या गर्भावस्था के समय इस आसान को न करें।
उच्च रक्तचाप से पीडि़त व्यक्ति या बच्चे इसे किसे योग-गुरू के निर्देशन में ही करें।
राकेश कुमार शर्मा

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